लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जिला बदर घोषित दो आरोपियों को पुलिस ने न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी चोरी-छिपे जिले की सीमा में दाखिल होकर अपने घर लौट आए थे। पुलिस को इसकी भनक लगी तो देर रात कार्रवाई करते हुए दोनों को दबोच लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में बुधवार रात कनकहा मोड़ पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम फत्तेखेड़ा निवासी मोहित कुमार और सारिख खान उर्फ शारिक, जिन पर जिला बदर की कार्रवाई हो चुकी है, वह गुपचुप तरीके से गांव में मौजूद हैं और लगातार घर आते-जाते रहते हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत गांव पहुंची। वहां मोहित कुमार के घर के बाहर दोनों आरोपी खड़े मिले, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
एक पत्नी से मिलने आया, दूसरा बकरीद मनाने पहुंचा
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस के सामने अपनी मौजूदगी की वजह भी बताई। सारिख खान ने कहा कि वह बकरीद का त्योहार मनाने के लिए घर आया था। वहीं मोहित कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी से मिलने के लिए चोरी-छिपे गांव पहुंचा था।
पुलिस अधिकारियों ने जब दोनों से बिना अनुमति जिले की सीमा में प्रवेश करने को लेकर सवाल किए तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली और माफी मांगने लगे।
पहले से जिला बदर घोषित थे दोनों आरोपी
पुलिस के अनुसार, सारिख खान को उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत 13 मई 2026 को जारी आदेश के अंतर्गत छह महीने के लिए जिला बदर घोषित किया गया था। वहीं मोहित कुमार के खिलाफ 17 दिसंबर 2025 को जिला बदर की कार्रवाई की गई थी।
इसके बावजूद दोनों आरोपियों ने न्यायालय और प्रशासन के आदेश की अनदेखी करते हुए जिले में प्रवेश किया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
आदेश उल्लंघन पर सख्त हुई पुलिस
लखनऊ पुलिस का कहना है कि जिला बदर किए गए अपराधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके और अपराधियों में पुलिस का डर कायम रहे।
